धातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणधर्म हिंदी में [2023]

AKHILESH KUMAR
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नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में आपको बताएंगे धातुओं के भौतिक एवं रासायनिक गुण धर्म के बारे में। तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें। आइए शुरू करते हैं -

धातु किसे कहते हैं? सामान्य परिचय (Dhatu Kise Kahte Hai?)


धातु वे तत्व हैं जो आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग करके धनात्मक आयन बनाते हैं। धातु परमाणु द्वारा त्याग किए गए इलेक्ट्रॉन की संख्या पर ही उस धातु की संयोजकता निर्भर करती है। सामान्यतः धातुएँ ठोस और चमकदार होती हैं। स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन के कारण अधिकांशतः धातुएँ विद्युत की सुचालक होती हैं।

धातुओं के गुणधर्म (Dhatuon Ke Gundharm Hindi Me 2023)

धातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणधर्म हिंदी में | Physical and Chemical Properties of Metals in Hindi

धातुओं के निम्नलिखित गुणधर्म हैं -

A. भौतिक गुणधर्म
B. रासायनिक गुणधर्म

भौतिक गुणधर्म के अंतर्गत-

  • अवस्था
  • आघातवर्धनीयता
  • तन्यता
  • चालकता
  • धात्विक चमक
  • कठोरता
  • गलनांक एवं क्वथनांक
  • ध्वानिक

रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत-

  • ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया
  • जल के साथ अभिक्रिया
  • तनु अम्ल के साथ अभिक्रिया
  • लवण विलयन के साथ अभिक्रिया
  • हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया
  • क्लोरीन के साथ अभिक्रिया

A. धातुओं के भौतिक गुणधर्म (Dhatu Ke Bhautik Gun Dharm) -


बाह्य गुण भौतिक गुणधर्म कहलाते हैं। जैसे - अवस्था, रंग आदि।

1. अवस्था (State)-

धातुएँ सामान्य ताप पर ठोस होती हैं। अपवाद - पारा (द्रव अवस्था)

2. आघातवर्ध्यनीयता (Malleability)

धातुओं को हथौड़े से पीटने या जोरदार आघात करने पर इन्हें चादररूप में बदला जा सकता है। यह गुण आघातवर्धनीयता कहलाता है।

3. तन्यता (Ductility)-

धातुओं को महीन तारों के रूप में खींचा जा सकता है। यह गुण तन्यता कहलाता है। आपने मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगा देखा होगा। धातुओं की तन्यता भिन्न-भिन्न होती है।

4. चालकता (Conductivity)-

धातुएँ सामान्यतः उस्मा एवं विद्युत की सुचालक होती हैं। ऊष्मीय चालकता के कारण ही कुकर, चाय की केतली आदि में कुचालक पदार्थ जैसे - बैकेलाइट प्लास्टिक आदि के बने हैंडल लगे होते हैं। तांबा, एलुमिनियम आदि धातुओं से बने बिजली के तार आपने देखे होंगे। चांदी, ऊष्मा और विद्युत की सर्वोत्तम चालक है।

5. धात्विक चमक (Lustre)-

अधिकांश धातुओं में विशेष प्रकार की चमक होती है इसे धात्विक चमक कहते हैं। वायुमंडल में खुला छोड़ देने पर ये धात्विक चमक मंद पड़ जाती है, इसका कारण धातुओं द्वारा वायुमंडल में उपस्थित नमी, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड से क्रिया करके ऑक्साइड, कार्बोनेट आदि यौगिकों की पतली पर्त बना लेना है।

आपने नए एंटीना और काफी समय से लगे पुराने एंटीना में चमक का अंतर देखा होगा।

6. कठोरता (Hardness)-

अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं। अपवाद - सोडियम और पोटेशियम नरम धातुएँ हैं।

7. गलनांक एवं क्वथनांक-

सामान्यतः धातुओं के गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं।

8. ध्वानिक (Sonorous)-

धातुओं को पीटने पर अथवा उनके अन्य वस्तुओं से टकराने पर विशेष प्रकार की ध्वनि उत्पन्न होती है, ये गुण ध्वानिक कहलाता है। विद्यालय में लोहे की घंटी को बजाने पर उत्पन्न होने वाली विशेष प्रकार की ध्वनि का आपने अनुभव किया होगा।

-:महत्वपूर्ण तथ्य:-

[कुछ धातुओं का तापमान बहुत कम करने पर उनकी चालकता में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। ये गुण अति चालकता (Super Conductivity) कहलाता है।]


B. धातुओं के रासायनिक गुणधर्म (Dhatu Ke Rasayanik Gundharm) -


इलेक्ट्रॉनिक संरचना के कारण प्रदर्शित किए जाने वाले अभिलाक्षणिक गुण, रासायनिक गुणधर्म कहलाते हैं।

1. ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया -

धातुएँ, ऑक्सीजन से संयोग करके धात्वीय आउटसाइड बनाती हैं जैसे -
4Na  +  O2   ➡   2Na2O  (सोडियम ऑक्साइड)
2Mg  +  O2   ➡  2MgO   (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
4Al   +  3O2  ➡  2Al2O3 (एल्युमिनियम ऑक्साइड)

2. जल के साथ अभिक्रिया -

धातु हाइड्राॅक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनती है। जैसे -
2Na  + 2H2O   ➡  2NaOH      +      H2 ⬆
जल (ठंडा) ‌             (सोडियम हाइड्राॅक्साइड)


सावधानी: सोडियम, अतिक्रियाशील धातु है। यह वायु में उपस्थित ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड से शीघ्रतापूर्वक अभिक्रिया करके क्रमशः Na2O और Na2CO3 बनाता है।

ठंडे जल के साथ क्रिया होने पर उपरोक्तानुसार तेजी से हाइड्रोजन गैस निकलती है और विस्फोट होता है। इसलिए सोडियम को मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है।


3. तनु अम्ल के साथ अभिक्रिया -

हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है जैसे -
2Na   +   2HCl  ➡  2NaCl   +   H2 ⬆

4. लवण विलियम के साथ अभिक्रिया -

अधिक क्रियाशील धातु, कम क्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।

जैसे CuSO4 विलयन में से Zn धातु, कॉपर को विस्थापित कर देती है।

Zn  +  CuSO4      ➡     ZnSO4  +  Cu

5. हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया -

धात्विक हाइड्राइड बनते हैं, जैसे -
2Na  +  H2   ➡   2 NaH  (सोडियम हाइड्राइड)

6. क्लोरीन के साथ अभिक्रिया -

विद्युत संयोजक और सामान्यतः ठोस धात्विक क्लोराइड बनते हैं।
Ca  +  Cl2     ➡    CaCl2  (कैल्शियम क्लोराइड)

निष्कर्ष:

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने जाना कि धातुओं के रासायनिक एवं भौतिक गुण धर्म के बारे में। इनके भौतिक गुणधर्म कौन-कौन से हैं तथा रासायनिक गुणधर्म कौन-कौन से हैं, कैसे काम करते हैं आदि के बारे में जाना है।

तो उम्मीद करते हैं आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें धन्यवाद।


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