मेसोपोटामिया की सभ्यता एवं इसकी प्रमुख विशेषताएं | Mesopotamia Ki Sabhyata Ki Visheshtaen 2026

AKHILESH KUMAR
0

मेसोपोटामिया की सभ्यता / Mesopotamia Ki Sabhyata

मेसोपोटामिया की सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। यूनानी भाषा में 'मेसोपोटामिया' शब्द का अर्थ 'जल के मध्य का क्षेत्र' होता है। क्योंकि यह सभ्यता इराक की 'दजला' व 'फरात' नामक दो नदियों के मध्य के क्षेत्र में विकसित हुई थी, इसी कारण इसे मेसोपोटामिया की सभ्यता के नाम से पुकारा जाता है।

मेसोपोटामिया की सभ्यता एवं प्रमुख विशेषताएं Mesopotamia Ki Sabhyata Ki Visheshtaen , मेसोपोटामिया सभ्यता की खोज

मेसोपोटामिया सभ्यता की खोज

मेसोपोटामिया के लोगों को 18 में शताब्दी तक अपने प्राचीन गौरव का कोई ज्ञान नहीं था। 19 वीं शताब्दी के प्रारंभ में 'सर लियोनार्ड वूली' ने इराक के प्राचीन नगर 'उर' में उत्खनन कराया। इस उत्खनन में अनेक मिट्टी की तख्तियाँ, शाही, कब्रें, भवन तथा अन्य कलात्मक वस्तुओं के अवशेष प्राप्त हुए।

इस स्थान के उत्खनन से प्रोत्साहित होकर पुरातत्वविदों ने अन्य अनेक स्थलों पर भी उत्खनन कराया, जिसके फलस्वरुप बाबुल, निनेवे, निष्पुर तथा लगाश आदि नगरों के अवशेष प्राप्त हुए।

इसके बाद 1850 ईस्वी में एक अंग्रेज पुरातत्वविद 'राॅलिन्सन' ने इराक के बिहिस्तून नामक स्थान के समीप एक ऊंचे पहाड़ पर एक शिलालेख खोज निकाला, जिसे प्राचीन ईरानी सम्राट डेरियस (दारा प्रथम) द्वारा लिखवाया गया था। यह शिलालेख फारसी तथा बेबीलोनियन भाषा में लिखा हुआ था।

इस लेख को पढ़कर राॅलिन्सन ने इस प्राचीन सभ्यता का रहस्य खोल दिया। तत्पश्चात दूसरा शिलालेख 1901 ईस्वी में इराक के प्राचीन नगर मूसा से प्राप्त हुआ। यह शिलालेख काले रंग के पत्थर पर लिखा हुआ था और उस पर बेबीलोनियन भाषा में एक कानून संहिता लिखी हुई थी। इन प्राचीन लेखों से मेसोपोटामिया की प्राचीन मानव सभ्यता का ज्ञान हुआ।

मेसोपोटामिया में विकसित सभ्यताएं

इराक की दजला और फरात नदियों के मध्य के क्षेत्र में अनेक प्राचीन सभ्यताओं का उत्थान और पतन हुआ था। इस क्षेत्र में चार सभ्यताओं - सुमेरिया, बेबीलोनिया, असीरिया और काल्डियन सभ्यताओं का विकास हुआ था।

इन सभ्यताओं को सम्मिलित रूप से मेसोपोटामिया की सभ्यता के नाम से जाना जाता है। इ सभ्यताओं के संबंध में कहा जाता है कि सुमेरिया की सभ्यता ने मेसोपोटामिया की सभ्यता को जन्म दिया, बेबीलोनिया ने उसे चरम पर पहुंचा और असीरिया ने उसे ग्रहण किया।

मेसोपोटामिया की सभ्यता की प्रमुख विशेषताएं / Mesopotamia Sabhyata Ki Visheshtaen 2024

चलिए अब बात करते हैं मेसोपोटामिया की सभ्यता की विशेषताओं के बारे में -

Mesopotamia Ki Sabhyata सुमेरिया बेबीलोनिया एवं असीरिया की मिली जुली सभ्यता थी। ये तीनों ही सभ्यताएँ मेसोपोटामिया में एक के बाद एक विकसित हुईं व लगभग एक समान थीं। इन सभी सभ्यताओं के मिश्रण से बनी मेसोपोटामिया की सभ्यता की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित थीं -

Mesopotamia सभ्यता की विशेषताएं (Points)

  • राजनीतिक जीवन
  • सामाजिक जीवन
  • धार्मिक जीवन
  • आर्थिक जीवन
  • कानूनों का निर्माण एवं संग्रह
  • लेखन कला और साहित्य का विकास
  • कला का विकास
  • विज्ञान का विकास

1. राजनीतिक जीवन

मेसोपोटामिया की सभ्यता एक नगरीय सभ्यता थी। मेसोपोटामिया की सभ्यता के आरंभ में नगर राज्य थे परंतु बाद में हम्मूराबी के शासनकाल से विशाल साम्राज्यों की स्थापना होने लगी थी। मेसोपोटामिया में निरंकुश राजतंत्रात्मक शासन प्रणाली प्रचलित थी। इस काल में राजा स्वेच्छाचारी, निरंकुश और दैवीय अधिकारों से युक्त होता था।

2. सामाजिक जीवन

Mesopotamia के समाज में वर्ग भेद था। समाज स्पष्टतः तीन भागों में विभाजित था - प्रथम वर्ग को उच्च वर्ग कहा जाता था, जिसमें शासक, सामंत, उच्च अधिकारी, बड़े जमींदार व पुरोहित लोग आते थे। द्वितीय वर्ग को मध्यम वर्ग कहा जाता था जिसमें किसान, शिल्पी और व्यापारी आदि लोग आते थे। तृतीय वर्ग को निम्न वर्ग कहा जाता था जिसमें दास लोग आते थे।

मेसोपोटामिया के समाज में स्त्रियों की दशा साम्माननीय थी। सामान्यतः एक पत्नी विवाह की प्रथा प्रचलित थी। यद्यपि समाज में दहेज का प्रचलन था किंतु दहेज में पिता से प्राप्त दहेज पर वधू का ही अधिकार होता था।

3. धार्मिक जीवन

मेसोपोटामिया के लोग अनेक देवी देवताओं की पूजा किया करते थे। उनमें शमाश (सूर्य देवता), अनु (आकाश देवता), एनलिल (वायु देवता) तथा नान्नार !चंद्र देवता) आदि प्रमुख थे। मेसोपोटामिया के प्रत्येक नगर में एक मुख्य मंदिर होता था। उसमें जिस देवता की मूर्ति होती थी, उसे नगर का संरक्षक माना जाता था।

नगर का शासन उसी के नाम से चला था मंदिर में एक पुरोहित होता था जो की मंदिर की देखरेख किया करता था। मेसोपोटामिया के लोग मंदिर को भूमि तथा बहुमूल्य वस्तुएँ दान में दिया करते थे। मेसोपोटामिया के लोग देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भेड़ बकरी आदि पशुओं की बलि चढ़ाते थे।

इस सभ्यता के लोग अंधविश्वासी होते थे यह लोग जादू टोना , भूत प्रेत भविष्यवाणी और ज्योतिषियों व पुरोहितों पर विश्वास करते थे।


4. आर्थिक जीवन

मेसोपोटामिया के लोगों का आर्थिक जीवन संपन्न और सुखी था यहां की भूमि उपजाऊ होने के कारण यहां के लोगों का प्रमुख व्यावसाय कृषि था। यहाँ गेहूं, जौ और मक्का प्रमुख रूप से उगाए जाते थे। मेसोपोटामिया के लोगों का दूसरा प्रमुख व्यवसाय पशुपालन था उनके पालतू पशुओं में गाय बैल भेड़ व बकरी आदि प्रमुख थे।

यहां के लोग संभवतः घोड़े से परिचित नहीं थे। मेसोपोटामिया में उद्योग धंधे उन्नत व्यवस्था में थे। मेसोपोटामिया के लोग अनेक प्रकार की दस्तकारियां भी जानते थे। कपड़ा बनाना उनका मुख्य उद्योग था सोने चांदी, तांबा, कांसा और शीशा आदि धातुओं की अनेक वस्तुएं मेसोपोटामिया में बनाई जाती थी।

यहां के लोग चाक की सहायता से सुंदर बर्तन भी बनाते थे। उद्योग धंधों के साथ-साथ यहां के लोगों का व्यापार भी उन्नत व्यवस्था में था। यहां के लोग विदेश से भी व्यापार किया करते थे। उनका व्यापार पश्चिम में भूमध्य सागर व पूर्व में सिंधु नदी तक फैला हुआ था। यहां के लोग विदेश से सोना चांदी तांबा तथा बहुमूल्य लकड़ी आदि मांगते थे और अनाज, आभूषण तथा वस्त्र आदि विदेशों को भेजते थे।

5. कानूनों का निर्माण एवं संग्रह

Mesopotamia Ki Sabhyata में न केवल कानून का निर्माण किया गया अपितु हम्बूराबी द्वारा उन्हें पत्थर पर खुदवाकर संग्रहीत भी किया गया। हम्बूराबी बेबीलोन का शासक था, जिसने 2123 ईसा पूर्व से 2080 ईसा पूर्व तक शासन किया था।

हम्बूराबी की कानून संहिता में 285 धाराएं थी जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए समान अधिकारों व नियमों की व्यवस्था थी।

6. लेखन कला और साहित्य का विकास

मेसोपोटामिया की सभ्यता में लेखन कला का आविष्कार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। मेसोपोटामिया के लोगों ने जिस लिपि का विकास किया था उसे 'कीलाकार लिपि' कहा जाता है। इस लिपि का आविष्कार लगभग 3000 ईसा पूर्व में सुमेरिया के लोगों ने किया था।

 इस लिपि में लगभग 300 अक्षर थे जिन्हें चिन्हों, चित्रों और संकेतों के माध्यम से व्यक्त किया जाता था। इस लिपि को चिकनी मिट्टी की गीली तख्तियों पर नुकीली वस्तु 'कलम' से लिखा जाता था।

सुमेरिया की खुदाई में एक ऐसा पुस्तकालय भी मिला है जिसमें 30000 तख्तियों को क्रम अनुसार रखा गया है। इस लिपि के अन्य अनेक लेख भी प्राप्त हुए हैं इस लिपि को एक अंग्रेज अधिकारी हेनरी राॅलिंसन ने सबसे पहले पढ़ा था।

7. कला का विकास

मेसोपोटामिया के लोगों ने स्थापत्य कला के क्षेत्र में स्तंभ, मेहराब तथा गुंबद निर्माण का प्रयोग प्रारंभ किया था। उन्होंने विशाल राजमहलों तथा जिगुरात जैसी भाव्य कलात्मक कृतियां का निर्माण किया था।

यहां के चित्रकारों ने राजमहलों व मंदिरों की दीवारों पर विभिन्न चित्रों का सजीव अंकन किया। यहां के लोग पशु पक्षियों व धर्म संबंधी चित्र अधिक बनाते थे।

इस सभ्यता के अंतर्गत विशालकाय मूर्तियों का निर्माण भी हुआ। इस काल में मुद्रण कला, काष्ठ कला (फर्नीचर निर्माण कला) व संगीत कला का भी विकास हो चुका था।

8. विज्ञान का विकास

मेसोपोटामिया के लोगों ने विज्ञान के क्षेत्र में बहुत प्रगति की थी यहां के लोगों ने गणित, खगोल, ज्योतिष एवं औषधि विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उन्नति की थी। गणित के क्षेत्र में 'षट्दाश्मिक प्रणाली' का आविष्कार यहीं के लोगों की देन थी।

ज्योतिष के क्षेत्र में भी यहां के लोगों ने महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त की थी यहां के लोगों को नक्षत्रों की गति के आधार पर मौसम संबंधी जानकारी का ज्ञान प्राप्त था। यहां के लोगों ने चंद्रमा की गति पर आधारित एक पंचांग (कैलेंडर) भी बना रखा था और वे सूर्य व चंद्र ग्रहण की भविष्यवाणी करने में भी सक्षम थे।

इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के रसायनों और औषधियों का आविष्कार भी इन्हीं लोगों द्वारा किया गया था।


FAQ's


Q. मेसोपोटामिया सभ्यता का धार्मिक जीवन?

लोग अनेक देवी देवताओं की पूजा करते थे प्रत्येक नगर में एक मुख्य मंदिर होता था।

Q. मेसोपोटामिया के कुल देवता कौन थे?

मेसोपोटामिया के लोग अनेक देवी देवताओं की पूजा किया करते थे, उनमें शमाश (सूर्य देवता), अनु (आकाश देवता), एनलिल (वायु देवता) तथा नन्नार (चंद्र देवता) आदि प्रमुख थे।

Q. मेसोपोटामिया के लोग सूर्य को क्या कहते थे?

मेसोपोटामिया के लोग सूर्य को 'शमाश' कहते थे।

निष्कर्ष:

तो दोस्तों आज के इस लेख में हमने मेसोपोटामिया की सभ्यता की विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त की। मेसोपोटामिया की सभ्यता विशेषताएं सराहनीय है और कुछ गलत है जो कि इस लेख में विस्तार से बताया गया है और कुछ अन्धविश्वासी भी हैं जो हर किसी पर विश्वास किया करते हैं बिना सोचे समझे। तो अधिक जानकारी के लिए ऊपर दिया गया लेख पढ़ें।

तो उम्मीद करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा अगर पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उनको भी Mesopotamia Ki Sabhyata Ki Visheshtaen के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।

धन्यवाद।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

दोस्तों अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तो कृपया हमें कमेंट करके जरूर बताएं। धन्यवाद।

एक टिप्पणी भेजें (0)
3/related/default