हिम्मत और जिंदगी पाठ के प्रश्न उत्तर कक्षा 9 | Himmat Aur Zindagi Question Answer 2024

AKHILESH KUMAR
2

नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको Himmat Aur Zindagi Class 9 Question Answer जो की कक्षा 9 के हिंदी विषय में है इसके प्रश्न उत्तर के बारे में आपको बताएंगे। यह प्रश्न कक्षा 9वीं के Hindi Subject से लिया गया है। यह प्रश्न कक्षा 9 के Students के लिए बहुत महत्वपूर्ण है चलिए आइए जानते हैं इसके प्रश्न उत्तर के बारे में-

हिम्मत और जिंदगी पाठ के प्रश्न उत्तर | Himmat Aur Zindagi Class 9 Question Answer

दोस्तों हिम्मत और जिंदगी विषय कक्षा 9वीं के हिंदी विषय में एक पाठ है, जिसका नाम है हिम्मत और जिंदगी। और इसके लेखक हैं रामधारी सिंह दिनकर जी। रामधारी सिंह दिनकर जी ने हिम्मत और जिंदगी पाठ की रचना की है।   तो आज के इस लेख में हिम्मत और जिंदगी के प्रश्न उत्तर के बारे में आपको यहाँ पर बताएंगे तो चलिए शुरू करते हैं-

Himmat Aur Zindagi Class 9 Question Answer

अति लघु उत्तरीय प्रश्न :

Q. 1 साहसी मनुष्य किस प्रकार के सपने देखता है?

Ans. साहसी मनुष्य उन सपनों में भी रस लेता है जिनका कोई व्यवहारिक अर्थ नहीं। साहसी मनुष्य अपने सपने स्वयं बनाता है वह किसी के सपने उधार नहीं लेता।


Q. 2 लहरों में तैरने वालों को क्या मिलता है?

Ans. लहरों में तैरने वालों को मोती मिलते हैं।

Q. 3 जिंदगी में लगाने वाली पूँजी कौन सी कौन सी है?

Ans. जिंदगी में लगाने वाली पूंजी सिफत (हिम्मत) है।

Q. 4 पानी में जो अमृत वाला तत्व है, उसे कौन जानता है?

Ans. पानी में जो अमृत वाला तत्व है उसे वह जानता है जो धूप में खूब श्रम करता है।


लघु उत्तरीय प्रश्न :

Q. 1 चांदनी की ताजगी और शीतलता का आनंद किसे है?

Ans. चांदनी की ताजगी की और शीतलता का आनंद वह मनुष्य लेता है जो दिन भर धूप में थककर लोटा है। जिससे शरीर को अब रत्नई की जरूरत है।


Q. 2 "तेन त्यक्ततेन भुंजी था" का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Ans. "तेन त्यक्तेन भुंजी था" जीवन का भोग त्याग के साथ करो, यह केवल परमार्थ का ही उद्देश्य नहीं है क्योंकि संयम से भोग करने पर जीवन से जो आनंद प्राप्त होता है, वह निशा भोगी बनकर भोगने से नहीं मिल पाता।


Q. 3 विंस्टन चार्चिल ने जिंदगी के बारे में क्या कहा?

Ans. श्री विंस्टन चार्चिल ने कहा है कि जिंदगी की सबसे बड़ी सिफत हिम्मत है। आदमी के सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं।



Q. 4 लेखक ने साहसी मनुष्य से सिंह की तुलना किसी प्रकार की है?

Ans. साहसी मनुष्य उन सपनों में भी रस लेता है जिन सपनों का कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं है। साहसी मनुष्य सपने उधार नहीं लेता। वह अपने विचारों में रंगा हुआ अपनी ही किताब पढ़ता है। झुंड में चलना और झुंड में रहना यह भैंस या भेड़ का काम है। सिंह तो बिल्कुल अकेला होने पर भी मगन रहता है।


Q. 5 अर्नाल्ड बोनेट ने हिम्मत और साहस के संबंध में क्या कहा?

Ans. अर्नाल्ड बोनेट ने एक जगह लिखा है कि जो आदमी यह महसूस करता है कि किसी महान निश्चय के समय वह साहस से काम नहीं ले सका, जिंदगी की चुनौती को कबूल नहीं कर सका वह सुखी नहीं हो सकता।


बड़े मौके पर साहस नहीं दिखाने वाला आदमी बराबर अपनी आत्मा के भीतर एक आवाज सुनता रहता है। एक ऐसी आवाज जिसे वही सुन सकता है और जिसे वह रोक भी नहीं सकता वह आवाज उसे बराबर रहती रहती है तुम साहस नहीं दिखा सके, तुम कायर की तरह भाग खड़े हुए।


Q. 6 साहसी मनुष्य की क्या पहचान है?

Ans. साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। जनमत की उपेक्षा करके जीने वाला आदमी दुनिया की असली ताकत होता है और मनुष्यता को प्रकाश भी उसी आदमी से मिलता है।


अड़ोरा-पड़ोरा को देख कर चलना यह साधारण जीत का काम है। क्रांति करने वाले लोग अपने उद्देश्य की तुलना ना तो पड़ोसी के उद्देश्य से करते हैं और ना अपनी चाल को भी पड़ोसी की चाल देखकर मद्धिम बनाते हैं।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :

Q. 1 बड़ी हस्तियां बड़ी मुसीबतों में पलकर दुनिया में कब्जा करती हैं। उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Ans. बड़ी हस्तियां बड़ी मुसीबतों में पलकर दुनिया पर कब्जा करती हैं। अकबर ने 13 साल की उम्र में अपने पिता के दुश्मन को परास्त कर दिया था जिसका एकमात्र कारण यह था कि अकबर का जन्म रेगिस्तान में हुआ था और वह भी उस समय जब उसके पिता के पास एक कस्तूरी को छोड़कर और कोई दौलत नहीं थी।


महाभारत में देश के प्रायः अधिकांश वीर कौरवों के पक्ष में थे मगर फिर भी जीत पांडवों की हुई क्योंकि उन्होंने लाक्षाग्रह की मुसीबत झेली थी, क्योंकि उन्होंने वनवास के जोखिम को पार किया था।


Q. जिंदगी की कौन-कौन सी दो सूरतें हैं? समझाइए।

Ans. जिंदगी की दो सूरतें हैं - एक तो यह आदमी बड़े से बड़े मकसद के लिए कोशिश करें, जगमगाती हुई जीत पर पंजा डालने के लिए हाथ बढ़ाएं और मगर असफलताएं कदम कदम पर जोश की रोशनी के साथ अंधियाली का जाल न रही हो, तब भी वह पीछे को पाँव न हटाए।


Conclusion :

तो दोस्तों आज के इस लेख में हमने आपको Himmat Aur Zindagi Class 9 Question Answer के विषय में बताया है। हिम्मत और जिंदगी पाठ के लेखक का नाम रामधारी सिंह दिनकर है। उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी। धन्यवाद।


FAQ.

Q. हिम्मत और जिंदगी पाठ का लेखक कौन है?

Ans. हिम्मत और जिंदगी पाठ के लेखक का नाम रामधारी सिंह दिनकर है।


Himmat Aur Zindagi Ke Question Answer

एक टिप्पणी भेजें

2 टिप्पणियाँ

दोस्तों अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तो कृपया हमें कमेंट करके जरूर बताएं। धन्यवाद।

एक टिप्पणी भेजें
3/related/default